Monday, 18 June 2018, 12:57 PM

Exclusive News

और ख़बरें...

धर्म कर्म

इस समान होते हैं मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखने वाले

सुरक्षित गोस्वामी मोघाशा मोघकर्माणो मोघज्ञाना विचेतस: | राक्षसीमासुरीं चैव प्रकृतिं मोहिनीं श्रिता: || गीता 9/12|| अर्थ: वे व्यर्थ आशा, व्यर्थ कर्म और व्यर्थ ज्ञान वाले विक्षिप्तचित्त अज्ञानीजन राक्षसी, आसुरी और मोहिनी... विस्तृत

और ख़बरें...

मूवी रिव्यू

राशिफल